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भारत का इतिहास (History Of India Hindi) - Bharat Ka Itihas Parichay in Hindi


History Of India Hindi - Bharat Ka Itihas by Acchishiksha

History Of India Hindi - Bharat Ka Itihas by Acchishiksha


इतिहास क्या है:- 

भारत का इतिहास अनेकों वर्ष पुराना है आपके में सवाल उठ सकता है की  100 साल पहले या 1000 साल पहले क्या हुआ होगा कैसे हुआ होगा इसी प्रकार के सवालो के जबाब पाने के लिए हम पढ़ते है इतिहास जिसको अतीत भी कहा जाता है |

आतीत की समझ और जानकारी हमे बहुत कुछ सीखा देती है हम अतीत में जान सकते है क्या हुआ था, लोग कैसे थे, क्या करते थे किस प्रकार उनका जीवन था क्या घटनाए उनके साथ हुई थी |

हम भारत को इस नाम के अलावा भी कई नामों से जानते है जैसे इंडिया, हिंदुस्तान या हिन्द आदि कई नामों से जाना जाता है भारत को आर्यवर्त भी कहा गया प्राचीन ग्रंथो में सभी नामों के अलग अलग अर्थ होते है |

भारत के अन्य नाम :


   1.   भारतवर्ष
2.   इंडिया
3.   हिन्द
4.   हिंदुस्तान
5.   भारतखंड
6.   आर्यवर्त


इतिहास को कैसे जान सकते है :- 

इतिहास में लिखी गई पुस्तक और लेख इतिहास जानने के मुख्य स्त्रोत है यह पुस्तके हाथों से लिखी गयी है जिनको हाथ से लिखे जाने के कारण पाण्डुलिपि कहा जाता है |


पाण्डुलिपि ताड़पत्र या भोजपत्र पर लिखी जाती थी जिनमे से अभी भी कई प्रकार की पुसकतों को किसी ने खत्म कर दिया या नही मिल पाई और कुछ मिली है जिनसे हमने इतिहास की घटनाओं को जाना है |

इन पुस्तकों को मंदिरों में धार्मिक जगहों में या संग्र्हलयों में देखा जा सकता है अभिलेख को पढ़ कर भी हम इतिहास या अतीत को जान सकते है और पुरानी मिली कई प्रकार की वस्तुओ का अध्ययन करके भी इतिहास की जांकरी ले सकते है |


  • भारत का इतिहास: - 


भारत का इतिहास बहुत ही जादा रोचक और कई हज़ार साल पुराना है भारत देश की संस्‍कृति और सभ्यता के लिए जाना जाता है | भारत का इतिहास जानने के कई स्त्रोत मोजूद है लेकिन उन सबको जानने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बाते भारत के बारे में जान लेते है |

भारत को सिर्फ भारत के नाम से ही नही जाता है इसके कई और भी नाम है जो अलग अलग समय पर रखे गए थे भारत को महाकाव्य और पुराणों में भारतवर्ष के नाम से जाना जाता है जिसका मतलब है की यह भरत का देश है भरत ऋषभदेव के पुत्र है जिनके नाम पर भारत को यह नाम दिया गया था और जो लोग इस भरत के देश में रहते है उनको भारती कहा जाता है जिसका मतलब है भरत के परिजन या भरत की संतान कहा जाता है |

इसके अलावा भारत को इंडिया भी कहा जाता है जो नाम भारत को यूनानियों ने दिया था और मध्यकालीन मुस्लिम ने इसको हिन्द या हिंदुस्तान का नाम दिया |

भारत के इतिहास को पढ़ने और आसानी से समझने के लिए इसको 3 अलग-अलग भागो में बांटा गया है इसकी मदद से आप अलग अलग भागों को पढ़ कर भारत का इतिहास जान सकते है |

मुख्य रूप से भारत के इतिहास के 3 भाग है

1.   प्राचीन भारत
2.   मध्य भारत या मध्यकालीन भारत
3.   आधुनिक भारत

आज के इस लेख में आप लोगो को प्राचीन भारत, मध्य-भारत और आधुनिक भारत का परिचय पढ़ने को मिलेगा और अधिक जानकारी दी जाएगी |

  • प्राचीन भारत : 

जब से मानव सभ्यता का आरंभ भारत में हुआ तब से ले कर 10 वीं सदी तक जो इतिहास है उसको प्राचीन भारत के इतिहास में रखा गया है |
प्राचीन भारत को जानने के लिए कई साधन या स्त्रोत मोजूद है मगर मुख्य रूप से प्राचीन भारत के इतिहास को जानने के लिए 4 भागों में बांटा गया है |
  • धार्मिक ग्रंथ
  • ऐतिहासिक ग्रंथ  
  • विदेशी विवरण 
  •  पुरातत्व साक्ष्य 

प्राचीन भारत भारत अधिक पुराना होने के कारण इसके क्रमबद्ध प्रमाण नही मिल पाते है मगर जो संसाधन उपलब्ध है जिनसे हम भारत के प्राचीनतम इतिहास को जान सकते है |
प्राचीन भारत के इतिहास को धर्मग्रंथो के माध्यम से जाना जा सकता है और इन धर्मग्रंथो मे सबसे प्राचीन ग्रंथ वेद है इनके अलावा कई ऐसे ग्रंथ है जो प्राचीन भारत को वर्णन करते है |

  • मध्यकालीन भारत : 

जब मुगल साम्राज्य की सुरुवात हुई तब से मध्यकालीन भारत समाप्त हो गया था 16 वीं शताब्दी तक मध्यकालीन या मध्य भारत का इतिहास रहा है मध्यकालीन भारत के इतिहास को दो भागों में बाँट सकते है 

  • प्रारम्भिक मध्यकालीन भारत
  • गत मध्यकालीन भारत 


लाखो वर्षो पहले लोगो के रहने के स्थान जंगल और नदी के किनारे हुआ करते थे नर्मदा नदी के किनारे कई लाखो सालो से मानव सभ्यता रहती आ रही है |

अभिलेख और कई अन्य सहायक समग्रियों के माध्यम से भारत के प्राचीन इतिहास को विवरण सहित जान सकते है और भारत की अधिक जानकारी ले सकते है |
खुदाई के माध्यम से कई प्रकार की वस्तुए जैसे बर्तन, चाँदी के बर्तन और सिक्के, पक्की मिट्टी या धातु से बनी अनेक वस्तु जो प्राचीन जांकरी उपलब्ध करती है |
इसने साथ-साथ जीवों के जीवाश्म भी प्राचीन जानकारी के स्त्रोत हो सकते है |
अगर हम अतीत की बात करे तो अतीत एक असीमित विषय है अलग-अलग वस्तु, लोग, राजा या शासक आदि सबका अपना एक अतीत है जो पूर्वजो या विद्वानो या इतिहासकारो ने लिखा है |




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