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मध्यप्रदेश का इतिहास : संभाग व जिले , पर्यटन स्थल, कृषि और प्रमुख नदियाँ - History Of Madhya Pradesh In Hindi

History Of Madhya Pradesh : मध्यप्रदेश का इतिहास : संभाग व जिले , पर्यटन स्थल, कृषि और प्रमुख नदियाँ - History Of Madhya Pradesh In Hindi 

मध्यप्रदेश का इतिहास : संभाग व जिले , पर्यटन स्थल, कृषि और प्रमुख नदियाँ - History Of Madhya Pradesh In Hindi

मध्यप्रदेश का इतिहास काफी पुराना है यहाँ की संस्कृति यहाँ का वातावरण अन्य राज्यों से एक अलग पहचान रखता है आज के इस लेख में मध्यप्रदेश का इतिहास (Madhya Pradesh Ka Itihas) और कुछ विशेष बातो को यहाँ बताया गया है | मध्यप्रदेश की स्थापना से ले कर धीरे-धीरे हुए विकास और परिवर्तन इस लेख में शामिल किये गए है |

जब हम किसी किसी देश या राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते है तो हमें अतीत में हुई घटनाओं का ज्ञान होता है, किसी देश या राज्य या कोई विशेष स्थान को उसकी ऐतिहासिक घटनाओं और आर्थिक विकास को बहुत अधिक प्रभावित करती है। और यही ऐतिहासिक घटनाओं को हम इतिहास कहते | भौगोलिक रूप से देश के केंद्रीय स्थान पर स्थित मध्यप्रदेश, वास्तव में भारत के हृदय समान है।

 

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की स्थापना 1 नवंबर 2000 को हुई है यह भारत (India) का एक राज्य (State) है, इसकी राजधानी (Capital Of Madhya Pradesh) भोपाल है। छत्तीसगढ़ राज्य के अलग होने से पहले मध्य प्रदेश क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य था। 1 नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश राज्य से 16 जिले अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य  की स्थापना हुई थी। मध्य प्रदेश राज्य की सीमा 5 अलग-अलग राज्यों की सीमा से मिलते है।

मध्यप्रदेश को मुख्य रूप से अपने पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल महेश्वर मंडलेश्वर,चोली, भीमबैठका, पंचवटी, खजुराहो, साँची स्तूप, ग्वालियर का किला, और उज्जैन रीवा जल प्रपात मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थल के प्रमुख उदाहरण हैं |

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh Heart Of India) भारत का दिल कहा जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य है | मध्य-प्रदेश भारत का दिल होने के साथ-साथ अनेकता में एकता का विभिन्न संस्कृतियों का जगमगाता दीपक है | मध्य-प्रदेश में कुल 61 जिले है जिसका सबसे बड़ा जिला इंदौर है |

मध्यप्रदेश का इतिहास : संभाग व जिले , पर्यटन स्थल, कृषि और प्रमुख नदियाँ - History Of Madhya Pradesh In Hindi
मध्यप्रदेश प्रमुख पर्यटन स्थल और नदियाँ 


पाषाण युग में मध्य-प्रदेश (Madhya Pradesh in the Stone Age) :

मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी घाटी के विभिन्न स्थानों  पर पाषाण युग में उपयोग किये गए कई उपकरण मिलते है, अभी मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी, चंबल और बेतवा जैसी बड़ी नदियों के किनारे ही ज्यादातर बस्तियां बसी हुई है | भीम-बैठका की गुफाएं और आज से 30000 ईसा पूर्व के चित्रों की खोज की गयी है |

मध्यप्रदेश का आधुनिक इतिहास (Modern history of Madhya Pradesh) :

भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद मध्यप्रदेश को तीन वर्गों में बाँट दिया गया जिनको क्रमशः क, ख, और ग वर्ग में रखा गया जिनकी राजधानी क्रमशः नागपुर, ग्वालियर और इंदौर, रीवा को बनाया गया |

भारत सरकार ने स्वतंत्र होने के बाद 1955 में राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना की जिसमें अंग्रेजी राज के समय के राज्यों को उनकी भाषा के आधार पर भाषीय वर्गीकरण किया गया |

1955 में राज्य पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश में कुल 79 रियासत शामिल थी जिनकी राजधानी भोपाल को रखा गया | इस समय मध्यप्रदेश में कुल 8 संभाग थे और 43 जिले थे |

मध्यप्रदेश में क्रमशः हुए बदलाव – Changes made in Madhya Pradesh respectively

1.    26 जनबरी 1972 को मध्यप्रदेश में दो नए जिलों का निर्माण हुआ जो भोपाल और राजनांदगाव थे |

2.    दिग्विजय सरकार ने 1992 में 10 नए जिले बनाये | इसके बाद 6 और नए जिलों का निर्माण हुआ इस तरह 1998 तक मध्यप्रदेश में जिलों की कुल संख्या 61 हो गयी |

3.    1 नवम्बर 2000 को भारत का एक और राज्य का निर्माण मध्यप्रदेश से किया गया जो की भारत का 36 व जिला था मध्यप्रदेश के 61 जिलों से 16 जिले अलग कर छत्तीसगढ़ में शामिल कर दिए गए |

4.    अशोकनगर , बुरहानपुर तथा अनूपपुर तीन नए जिले 15 अगस्त 2003 को को बनाये गए |

5.    अलीराजपुर 17 मई 2008 को जोड़ा गया

6.    17 मई 2008 को अलीराजपुर को जोड़ा गया

7.    सिंगरौली जिला 24 मई 2008 को जोड़ा गया

8.    सहडोल संभाग का गठन 14 जून 2008 को किया गया

9.    नर्मदापुरम संभाग का गठन25 मार्च 2013 को किया गया

10.  आगर मालवा का निर्माण 16 अगस्त 2013 को किया गया

11.  निवाड़ी का निर्माण 01 अक्टूबर 2018 को किया गया

इस तरह से मध्यप्रदेश का विकास हुआ और अब तक मध्यप्रदेश में कुल 52 जिले और 10 संभाग है |

मध्य-प्रदेश में कुल संभाग और उनमे जिले :

क्र.

संभाग का नाम

संभाग में जिले

1.

भोपाल

भोपाल , राजगढ़ , रायसेन , विदिशा , सीहोर

2.

चम्बल

श्योपुर , मुरैना , भिंड

3.

ग्वालियर

अशोकनगर , गुना , ग्वालियर , दतिया , शिवपुरी, चाचौड़ा

4.

इंदौर

अलीराजपुर , इन्दौर , खंडवा , खरगोन , झाबुआ , धार , बुरहानपुर, बड़वानी

5.

जबलपुर

कटनी , छिंदवाड़ा , जबलपुर , डिंडौरी , नरसिंहपुर , मंडला, बालाघाट, सिवनी

 

6.

नर्मदापुरम

हरदा , होशंगाबाद , बैतूल

 

7.

रीवा 

रीवा , सतना , सीधी , सिंगरौली, मैहर

 

8.

सागर

छतरपुर , टीकमगढ़ , दमोह , पन्ना , सागर , निवाड़ी

 

9.

शहडोल

अनूपपुर , उमरिया , शहडोल

 

10.

उज्जैन

आगर मालवा , उज्जैन , देवास , नीमच , मंदसौर , रतलाम , शाजापुर, नागदा

 


मध्य-प्रदेश में कृषि का स्थान : Location of agriculture in Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश के लिए कृषि जीवन रेखा रही है। जब हमें स्कूल में राज्य के बारे में पढ़ाया जाता था तो बच्चे जब पहले ''राज्य'' पर निबंध लिखते थे तो उस निबंध का पहला वाक्य यही होता था कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, मध्य-प्रदेश तीन चौथाई जनसंख्या कृषि और इस से जुड़े व्यवसाय के जरिये ही आज अपना जीवनयापन कर रही है |

धीरे-धीरे जनसँख्या बढ़ रही है जिसके लिए खाद्यान की पूरी का जरिया एक मात्र कृषि है मगर अब के समय में उत्पादन कम हो गया है |

मध्य-प्रदेश में मुख्य रूप से निम्न प्रकार की फसलों का उत्पादन होता है :

क्र.

खरीफ फसल

रबी फसल

उद्यानिकी फसलें

1.

सोयाबीन

गेहूं

अदरक

2.

ज्वार

चना

अनार

3.

मक्का

मसूर

प्याज

4.

उड़द

मटर

संतरा

5.

धान

गन्ना

धनियाँ

6.

तिल

जई

केला

7.

मूंगफली

सरसों

मिर्ची


मध्य-प्रदेश में पर्यटन स्थान :

मध्यप्रदेश 1956 को भारत में एक राज्य के रूप में मानचित्र में जगह दी गयी मगर मध्यप्रदेश की संस्कृति प्राचीन है |  मध्यप्रदेश एक बहुत ही खुबसूरत हरा-भरा प्रदेश है बहुत ही खुबसूरत झीले और नदियों के संगम यहाँ देखने योग्य है जो मध्यप्रदेश को एक दर्शनीय स्थान बनाते है |

मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल निम्न है |

क्र.

पर्यटन स्थल का नाम : Tourist Places Name

1.

खुजराहो

2.

कान्हा नेशनल पार्क

3.

पंचमढ़ी

4.

साँची

5.

चित्रकूट

 

6.

अमरकंटक

 

7.

ओंकारेश्वर

 

8.

महेश्वर

 

9.

ग्वालियर का किला

 

10.

ओरछा

 

 मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियाँ : 

मध्य-प्रदेश में भारत की कई अनेक बड़ी नदियाँ बहती है जिनका इतिहास मध्यप्रदेश के इतिहास से भी पुराना है इतनी नदियाँ होने के कारण मध्यप्रदेश को नदियों का मायका भी कहा जाता है |

मध्यप्रदेश में बहने वाली प्रमुख नदियाँ और उनके उद्गम स्थल : Major rivers flowing in Madhya Pradesh and their origin

क्र.

नदी का नाम

उद्गम स्थल

1.

नर्मदा

अमरकंटक की पहाड़ी से इसका उद्गम होता है |  

2.

चम्बल

इंदौर जिले की जानापाव पहाड़ी से इसका उद्गम होता है |  (मध्यप्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी नदी)

3.

बेतवा

रायसेन जिले में विंध्याचल पर्वत श्रेणी से इसका उद्गम होता है |  

4.

सोन नदी

अनुपपुर जिले के अमरकंटक पर्वत से इसका उद्गम होता है |  

5.

सिंध नदी

गुना जिले के सिरोंज से इसका उद्गम होता है |  

 

6.

क्षिप्रा

इंदौर के पास काकरी बारडी पहाड़ी से इसका उद्गम होता है |  

 

7.

कुनू नदी (कुनो)

शिवपुरी जिले के पठार से इसका उद्गम होता है |

 

8.

पार्वती नदी

रीवा पन्ना पठार के उत्तरी ढाल (सीहोर) से इसका उद्गम होता है|  

 

9.

वैनगंगा

सिवनी जिले के मुंडारा नामक स्थान से इसका उद्गम होता है |  

 

10.

तवा नदी

पंचमढ़ी के पास महादेव पर्वत की कालीभीत पहाड़ियों से इसका उद्गम होता है |  

 

11.

माही नदी

धार जिले के विंध्याचल पर्वत से इसका उद्गम होता है |  

 

12.

ताप्ती नदी

बैतूल जिले में मुल्ताई नामक स्थान से इसका उद्गम होता है |  

 


  

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