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Sindhu Ghati Sabhyata Ka Parichay | सिन्धु घाटी सभ्यता : परिचय, प्रमुख स्थल, कृषि, पतन के कारण

Sindhu ghati sabhyata in hindi (सिन्धु घाटी सभ्यता)

Sindhu Ghati Sabhyata Ka Parichay



सिन्धु घाटी सभ्यता : परिचय, प्रमुख स्थल, कृषि, शिल्पकला, अर्थव्यवस्था,सभ्यता की विशेषताएं और इसके पतन के कारण |

सिन्धु घाटी की सभ्यता का परिचय : सिन्धु घाटी सभ्यता का विकास सिन्धु नदी के आस-पास हुआ विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक सभ्यता सिन्धु घटी सभ्यता है | इसकी खोज 1921 में रायबहादुर दयाराम साहनी द्वारा की गयी थी | इसको हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है एक शोध के अनुसार यह सभ्यता लगभग 8000 वर्ष पुरानी है |

  1. सिन्धु सभ्यता का विकास सिन्धु नदी और इसके आस-पास वाली नदियों के किनारे हुआ |
  2. सिन्धु घाटी सभ्यता के प्रमुख केन्द्र हड़प्पा, लोथल, कालीबंगा, धोलावीरा, मोहनजोदड़ो आदि थे |
  3. रेडियोकार्बन C14  जैसी आयु निर्धारण पद्धति के अनुसार सिन्धु सभ्यता की सर्वमान्य तिथि 2400 ईसा पूर्व से 1700 ईसा पूर्व मानी गयी है |
  4. पुरातत्ववेत्ता और इतिहासकारों के अनुसार यह सभ्यता अधिक विकसित थी |
  5. सिन्धु नदी घाटी में फैली होने के कारण इसका नाम सिन्धु घाटी सभ्यता रखा गया था |
  6. रायबहादुर दयाराम सहनी ने पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक 'सर जॉन मार्शल' के निर्देशन में 1921 में इस स्थान की खुदाई करवायी।

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सिन्धु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल : sindhu ghati sabhyata ke pramukh sthal

  1. इस सभ्यता का विस्तार और विकास सर्व प्राचीन और विशाल है | इस सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल हड़प्पा होने के कारण इसे हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है | 

सिन्धु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल और उनके खोज कर्ताओं की सूची दी हुई है : 

क्र.

स्थल का नाम

स्थल का क्षेत्र

स्थल खोजकर्ता का नाम

1.   

हड़प्पा

पंजाब पाकिस्तान

रायबहादुर दयाराम साहनी

2.     

मोहनजोदड़ो

सिंध पाकिस्तान लरकाना जिला

राखलदास बनर्जी

3.     

चन्हूदड़ो

पाकिस्तान

एन.जी. मजूमदार

4.     

कालीबंगा

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में

घोष

5.     

लोथल

गुजरात

आर. राव

6.     

धौलावीरा

गुजरात के कच्छ के रण में

आर. एस विष्ट

7.     

बनवाली 

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में

आर. एस विष्ट


सिन्धु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल विवरण सहित | Sindhu Sabhyta Ke Pramukh Sthal 

  1. हड़प्पा : सिन्धु घाटी सभ्यता का यह प्रमुख स्थल पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में मोंटगोमरी जिले में रावी नदी के तट पर स्थित है, इसकी खोज रायबहादुर दयाराम साहनी ने 1921 में की गयी थी | इस समय की खोज में प्रमुख मनुष्य के शरीर की बलुआ पत्थर की बनी हुई मूर्तियाँ है इसके अलावा अन्नागार और बैलगाड़ी इस स्थल की प्रमुख खोज है |
  2. मोहनजोदड़ो : इस शब्द का अर्थ मृतकों का टीला है | सिन्धु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल मोहनजोदड़ो है यह स्थल पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के   लरकाना में सिन्धु नदी के तट पर स्तिथ है | इसकी खोज राखलदास बनर्जी ने 1922 में की थी |
  3. इस समय की प्रमुख खोज विशाल स्नानागार और कांस्य की मूर्ति है इसके अलावा पशुपति महादेव की मुहर, दाड़ी वाले मनुष्य की पत्थर की मूर्ति, बुने हुए कपड़े आदि है | इस समय की प्रमुख खोज विशाल स्नानागार और कांस्य की मूर्ति है इसके अलावा पशुपति महादेव की मुहर, दाड़ी वाले मनुष्य की पत्थर की मूर्ति, बुने हुए कपड़े आदि है |
  4. चन्हूदड़ो : यह स्थल सिन्धु नदी के तट पर सिंध प्रान्त में स्थित है इसकी खोज एन.जी. मजूमदार ने सन 1931 में की थी | इस समय की प्रमुख खोज मनके बनाने की दुकाने और बिल्ली का पीछा करते हुए कुत्ते के पदचिन्ह हैं |
  5. कालीबंगा : सिन्धु सभ्यता की का यह स्थाल राजस्थान में घग्गर नदी के किनारे स्थित है इसके खोजकर्ता घोष है जिन्होंने सन 1953 में की थी | इस समय की प्रमुख खोज अग्निवेदिका, ऊंट की हड्डियाँ और लकड़ी का हल है |
  6. लोथल : यह स्थल गुजरात के अहमदाबाद में स्थित है इसके खोजकर्ता रंगनाथ राव है जिनके द्वारा सन 1954 में लोथल की खोज की गयी थी | इस समय की प्रमुख खोजों में मानव निर्मित बंदरगाह, अग्निवेदिकाएं, शतरंज का खेल, चावल की भूसी गोदीवाडा आदि शामिल है | 
  7. धौलावीरा : यह स्थल गुजरात के कच्छ के रण में स्थित है इसे खोजकर्ता रविन्द्र सिंग विष्ट है जिन्होंने सन 1985 में की थी | इस समय की प्रमुख खोज जल कुंड और जल निकासी प्रबंध है |  
  8. बनवाली : सिन्धु घाटी सभ्यता का यह स्थल हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है इसकी खोज सन 1974 में रविन्द्र सिंग विष्ट के द्वारा की गयी थी | इस समय की प्रमुख खोज मनके है | 

सिन्धु घाटी सभ्यता का विस्तार | Sindhu ghati sabhyata ka parichay  

यह सभ्यता विश्व की सबसे प्राचीन और सबसे बड़ी सभ्ययताओं में से एक है यह सभ्यता उत्तर में जम्मू से ले कर दक्षिण में नर्मदा तक और पश्चिमी में 'मकरान' समुद्र तट फैला हुआ है, इसका विकास सिन्धु और घग्गर के किनारे अधिक हुआ है |

सिन्धु घाटी सभ्यता में कृषि : 

  1. सिन्धु सभ्यता के लोगो ने सबसे पहले कपास के खेती करना आरंभ किया था |
  2. इस समय गेहूँ, जौ, सरसों, तिल, मसूर आदि का उत्पादन होता था।
  3. रंगपुर और लोथल से चावल के दाने मिले है, जिनसे धान की खेती के साक्ष्य प्राप्त होते है |
  4. चावल के दानों के साक्ष्य सर्व प्रथम लोथल से ही प्राप्त होते है |
  5. सिन्धु सभ्यता में मुख्य फसल गेहूँ और जौ है |
  6. लकड़ी से बने हुए हल की इस बात का प्रमाण देते है | 

सिन्धु घाटी सभ्यता के प्रमुख तथ्य | Sindhu Sabhyata Facts In Hindi  

  • इस समय का सबसे बड़ा नगर हद्दपा है |
  • इस सभ्यता के लोग मीठे के रूप में शहद का उपयोग करते थे |
  • कालीबंगन शब्द का अर्थ है काली चूड़ियाँ |
  • इस सभ्यता के लोगो के लिए तलवार का ज्ञान नही था |
  • इस समय शवों को जलाने और दफ़नाने की प्रथा थी |
  • इस समय के घरों के दरवाज़े और खिडकियों के मुख सड़क की और ना खुल कर विपरीत दिशा में खुलते थे |
  • लोथल नगर के घरों के दरवाज़े और खिड़कियाँ सड़क की और ही खुलते थे |
  • इस सभ्यता के लोग सूती और ऊनी वस्त्रों का उपयोग करते थे |
  • इस समय पर्दा प्रथा प्रचलित थी |
  • सिन्धु सभ्यता से वृक्ष पूजा और शिव पूजा के साक्ष्य भी मिलते है |
  • सिन्धु सभ्यता के लोग धरती की पूजा करते थे |
  • इस सभ्यता की खोज में घोड़ो के अस्थिपंजर भी मिलते है |
  • इस संस्कृति का शासन वर्णिक वर्ग के हाथों में था |
  • पिग्गट ने हड़प्पा और मोहनजोदड़ो को एक विस्तृत साम्राज्य की जुड़वाँ राजधानी कहा है |
  • इस समय के लोग बैलगाड़ी और भेंस-गाड़ी का उपयोग करते थे | 

सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन के कारण | Sindhu sabhyta ka patan 

  •  सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन के कारणों को ले कर अब भी मत भेद बना हुआ है मगर जानकार लोग इसके पतन का प्रमुख कारण बाढ़ को बताते है |
  • यह सभ्यता मुख्य रूप से नदी के किनारे विकसित थी तो अनुमान के हिसाब से बाढ़ के प्रकोप के कारण ही इस अंत माना जाता है |
  • कई जानकार लोग इसके अंत का कारण प्रकृति जन्य मानते है |
  • प्राकृत आपदा भी सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन का कारण हो सकता है |
  • कुछ विवाद यह भी कहते है की इसका अंत आर्यों के आक्रमण के कारण हुआ था |
  • एक मत के अनुसार इसके पतन का कारण भूकंप को भी माना जाता है | 

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