प्रमुख कृषि क्रांति और कृषि विकास  | Pramukh Krashi Kranti | हरित क्रांति | पीली क्रांति | श्वेत क्रांति | नीली क्रांति | गुलाबी क्रांति 

Pramukh Krashi Kranti - प्रमुख क्रांति और कृषि विकास

Pramukh Krashi Kranti - प्रमुख क्रांति और कृषि विकास  



कृषि विकास और प्रमुख क्रांति | Pramukh Krashi Kranti 

भारत एक कृषि प्रधान देश है, समय समय पर कृषि के विकास के लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किये है जिनके माध्यम से भारतीय कृषि के क्षेत्र में क्रांति आयी | आज के इस लेख में हरित क्रांति, पीली क्रांति, श्वेत क्रांति और गुलाबी क्रांति तथा  कृषि के विकास का अध्ययन करेंगे.

हरित क्रांति | Green Revolution in India

Pramukh Krashi Kranti - प्रमुख क्रांति और कृषि विकास
Harit Kranti - हरित क्रांति 


हरित क्रांति भारत में सन 1966-67 से शुरू हुई | भारत में एम.एस. स्वामीनाथन को हरित क्रांति का तात्पर्य कृषि उत्पादन में उस तीव्र वृद्धि से है, जो अधिक उपज देने वाले बीजों, रासायनिक उर्वरकों और नई तकनीक के परिणाम से होती है | इस हरित क्रांति से फसलों के उत्पादन में काफी अधिक वृद्धि हुई हैं | भारतीय कृषि में उन्नत बीजों का प्रयोग बढता जा रहा है | पंजाब, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और तेलन्गाना में गेंहू और चावल का अधिक उत्पादन उन्नत किस्म के बीजों की ही देन है |

हरित क्रांति की विशेषताएँ :

  • अधिक उपज देने वाले बीजों का प्रयोग |
  • रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग |
  • कीटनाशक दवाओं का प्रयोग |
  • कृषि यंत्रो का उपयोग |
  • लघु और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार |
  • भूमि संरक्षण की नई तकनीकों का प्रयोग |
  • कृषि उत्पादों के समर्थन मूल्य का निर्धारण |
  • कृषि शोध और भूमि परिक्षण को बढ़ावा देना |
  • कृषि वित् और ऋण सुविधाओं का विस्तार | 

 

श्वेत क्रांति | Operation Flood (दुग्ध क्रांति)

Pramukh Krashi Kranti - प्रमुख क्रांति और कृषि विकास
श्वेत क्रांति - Operation Flood


श्वेत क्रांति का संबंध पशु पालन से है | श्वेत क्रांति से डेरी विकास कर दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना इस क्रांति का मुख्य उदेश्य था | इसके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में दूध के उत्पादन पर अधिक बल दिया गया है | इस क्रांति को ओपरेशन फ्लड (Operation Flood) के नाम से भी जाना जाता है | सरकार द्वारा विदेशी गायों और देशी गायों के संकरण से नई जातियों का विकास किया गया जो की अधिक दूध देती हैं | यह क्रांति गुजरात के खेड़ा जिले से आरंभ हो कर तेज़ी से महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलन्गाना, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश में फैल गयी |

पीली क्रांति | Yellow revolution (पीत क्रांति)

Yellow revolution  - पीली क्रांति
पीली क्रांति - Yellow revolution 


तेल और तिलहन फसलों के उत्पादन क्षेत्र में अनुसन्धान और विकास कार्य करने की रणनीति को पीली क्रांति कहते है | साठ के दशक तक भारत तिलहन फसलों के उत्पादन में आत्मनिर्भर था, मगर कुल कृषि भूमि में तिलहन फसलों के घटते क्षेत्रफल, खाद, व उर्वरकों के नगण्य उपयोग, सिमित सिंचाई, बढती आवादी और फसल सुरक्षा एवं वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग ना करने से देश में खाद्य तेलों की कमी हो गई | इसको बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किये गए जिसमे राज्यस्थानीय स्तर पर सरकारी समितियां गठित की गई |

नीली क्रांति | Blue revolution (निळी क्रांती)

Blue revolution  -  नीली क्रांति
Blue revolution  - नीली क्रांति


देश में मछली उत्पादन में हुई प्रगति को नीली क्रांति कहा जाता है | भारत विश्व में तीसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है | देश में मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए विश्व बैंक की सहायता से एक परियोजना 5 राज्यों में लागू की गयी है | मछली उत्पादन से भोजन की आपूर्ति बढती है, पोषणाहार प्राप्त होता है, रोजगार के अवसर बढ़ते है तथा विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होती है |

गुलाबी क्रांति |  Pink Revolution in India

Pink Revolution in India - गुलाबी क्रांति
Pink Revolution in India - गुलाबी क्रांति


गुलाबी क्रांति या पिंक रिवोल्यूशन (Pink Revolution) एक शब्द है जिसका उपयोग मांस और पोल्ट्री के (Meat and Poultry) क्षेत्र में उपयोग की गई तकनीकी क्रांतियों (Technological Revolutions) को दिखाने के लिए किया जाता है। अगर हम दूसरे शब्दों में कहें तो, गुलाबी क्रांति के अंतर्गत मांस उत्पादन को तकनीक के उपयोग द्वारा बढ़ाया जाता है।